Tuesday, 8 July 2014

Health tips हेल्थ टिप्स:- मुंहासे के लिए गुणकारी लेप:-
-- मसूर की दाल 2 चम्मच लेकर बारीक़ पीस लें, इसमें थोडा सा दूध और घी मिलाकर फेंट लें और पतला-पतला लेप बना लें. मुंहासों के लिए यह अत्यंत लाभकारी लेप है. ---------------------------------------------------------------------------------

हेल्थ टिप्स HEALTH TIPS :-


सरसों के तेल में हल्दी का चूर्ण मिलाकर सोने से पहले दातों पर मलने से पायरिया, दांत और मसूड़े का दर्द, मसुडो से खून आना जैसी तकलीफें दूर हो जाती है.

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Health Tips हेल्थ टिप्स:-वायुमंडल की दुर्गन्ध दूर करें-


केले के छिलकों को सूखा कर रख लें. इनको शाम को जलाकर रखने से वायुमंडल की दुर्गन्ध दूर हो जाती है.

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Health Tips हेल्थ टिप्स:-"हंसना ही जिन्दगी है"

हंसने में कंजूसी स्वास्थ्य के लिए निश्चित रूप से हानिकारक है ,इसलिए हंसने मुस्कुराने में कभी कंजूसी मत कीजिये स्वयं हंसिये और दूसरों को भी खूब ह्साइए ...क्योंकि "हंसना ही जिन्दगी है".

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हेल्थ टिप्स:-
केला खाने के बाद २ इलायची खाने से केला आसानी से पच जाता है.

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Kitchen Tips किचन टिप्स:- बरकरार रहे हरापन...
कुछ दाने चीनी के डालकर पकाने से हरे चने ,हरे मटर आदि का रंग हरा ही बना रहता है.


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Health Tips हेल्थ टिप्स :- मुंहासे दूर करें.

दही में शहद मिलाकर उबटन की तरह मलने से मुंहासे दूर होते हैं.

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Health Tips हेल्थ टिप्स :- पेचिस होने पर...



पेचिस होने पर अदरक का रस नाभि में लगाने से आराम मिलता है.

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Health Tips हेल्थ टिप्स :- मुंह के छाले :-

-- मुलहठी का चूर्ण चबाने से मुंह के छालों में आराम मिलती है.

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Health tips हेल्थ टिप्स:- मुंहासे के लिए गुणकारी लेप:-





-- मसूर की दाल 2 चम्मच लेकर बारीक़ पीस लें, इसमें थोडा सा दूध और घी मिलाकर फेंट लें और पतला-पतला लेप बना लें. मुंहासों के लिए यह अत्यंत लाभकारी लेप है.

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हेल्थ टिप्स HEALTH TIPS  :- मसूड़ों से खून आना -

यदि मसूड़ों से खून आता है तो दो चम्मच सरसों तेल में थोडा सा नमक मिलाकर मसूड़ों पर मलें। कुल्ला न करें और लार को बहने दें। मसूड़ों से खून आने पर प्याज,खटाई,लाल मिर्च,मीठे पदार्थों का सेवन न करें.

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कब्ज व बवासीर से बचने का रामबाण कारगर नुस्खा :-

                            यदि आपको लगता है आप बवासीर के चंगुल में फंसने वाले है। आप कब्ज के रोगी हैं और मल त्याग करते समय काफी जोर लगाना पड़ता है। अपच व कब्ज के कारण मल कठोर होकर बाहर आता हो और गुदा द्वार फट जाता हो, तो हो सकता यह धीरे धीरे बवासीर का रूप धारण कर ले।
                           लीजिये प्रस्तुत है आपके लिए एक रामबाण कारगर नुस्खा जो आपको बवासीर के दलदल में फंसने से बचा सकता है।

नुस्खा -  नारियल, तिल या मूंगफली का तेल (ठण्ड के दिनों में सरसों का तेल) साफ उंगली या रुई में लगाकर गुदा में लगभग एक इंच अंदर डालकर अच्छे से लगा लें. 
इस प्रयोग को हर सप्ताह एक बार करें। इससे बवासीर व अन्य गुदा संबंधी विकार धीरे-धीरे खत्म हो जाता है. कब्ज के रोगियों के लिए तो यह प्रयोग अति लाभकारी है.

नोट- इस उपाय को किसी भी उम्र के बच्चे बड़े सभी कर सकते हैं.

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हेल्थ टिप्स - जानें टाइफाइड क्यों होता है ?

टाइफाइड एक भयानक संक्रामक रोग है। आज से करीब 70 पहले इस महामारी से हजारों लोग मर जाते थे, पर अब नई-नई दवाइयों के अविष्कार और विकास से इस पर काबू पा लिया गया है। टाइफाइड एक प्रकार के जीवाणु से फैलता है। आयुर्विज्ञान की भाषा में इसे बैसिलस सेलमोनेला टायफोसा कहते हैं। यह गंदे भोजन या गंदे पानी के साथ शरीर में प्रवेश कर खून तक पहुंच जाता है। यह खून को प्रभावित करके पूरी रक्त व्यवस्था को दूषित कर देता है।
इस बीमारी में बुखार, खांसी, खाल का उधड़ना, तिल्ली का बढ़ जाना और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी हो जाना आदि होता है। इस बीमारी में भूख भी कम लगती है और लगातार बुखार रहता है। टाइफाइड की जितनी भी महामारियां फैली, उनमें से अधिकांश कुएं, तालाब आदि के पानी के दूषित होने से फैलीं।
टाइफाइड के जीवाणु पकने से पहले भोजन सामग्री में भी वाहक द्वारा पहुंच सकते हैं। मक्खियां भी इन जीवाणुओं को इधर से उधर पहुंचाती हैं। टाइफाइड की बीमारी ठीक हो जाने के बाद भी शरीर में ये जीवाणु बचे रह जाते हैं। टाइफाइड की जांच के लिए विडेल टेस्ट किया जाता है। इसमें खून की जांच की जाती है।


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